भारत का अपना डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI लॉन्च होने के बाद से ही काफी हिट साबित हुआ है।

यूपीआई ने भारत में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने में सबसे बड़ा योगदान दिया है.

हालांकि आने वाले समय में स्थितियों में बदलाव देखने का मिल सकता है और लोगों को UPI से पेमेंट करने के बदले चार्ज देना पड़ सकता है

रिजर्व बैंक ने इसे लेकर 'डिस्कशन पेपर ऑन चार्जेज इन पेमेंट सिस्टम जारी किया है

पेपर के अनुसार, यूपीआई एक फंड ट्रांसफर सिस्टम के रूप में पैसों का रिसल टाइम ट्रांसफर सुनिश्चित करता है  

दरअसल रिजर्व बैंक पेमेंट सिस्टम्स के डेवलपमेंट और पेमेंट के सेटलमेंट के लिए तैयार की गई बुनियादी संरचना की लागत को वसूल करने के विकल्प तलाश रहा है  

इस कारण यह तर्क दिया जा सकता है कि यूपीआई के लिए भी आईएमपीएस की तरह फंड ट्रांसफर ट्रांजेक्शन पर चार्जेज लगने चाहिए  

रिजर्व बैंक ने कहा है कि अलग-अलग अमाउंट के हिसाब से अलग-अलग चार्जेज निर्धारित किए जा सकते हैं 

रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों, बाकी हितधारकों से 3 अक्टूबर तक राय देने के लिए कहा है. मिले सुझावों के आधार पर फिर अंतिम नियम बनाए जाएंगे.